
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली में गैरकानूनी निर्माण ना रोक पाने के लिए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और सिविल एजेंसियों को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि राजधानी में रहने वाले लोगों के फेफड़े खासकर बच्चों के फेफड़े सिर्फ अधिकारियों के काम ना कर पाने की वजह से खराब हो रहे हैं। अदालत ने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली के लोग प्रदूषण, पार्किंग और हरे-भरे इलाकों की कमी से जूझ रहे हैं क्योंकि अधिकारी गैरकानूनी निर्माण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट दिल्ली कानून (स्पेशल प्रोविजन्स) एक्ट, 2006 की कानूनी वैधता पर सुनवाई कर रही है। ये एक्ट अवैध निर्माणों का सीलिंग से बचाव करता है।
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