कविताओं में अटलजी की स्मृतियां: जनता पार्टी टूटी तो लिखा- गीत नहीं गाता हूं; भाजपा बनी तो लिखा- गीत नया गाता हूं - Trending news in india, latest trends ,Entertainment stories...

Trending news in india, latest trends ,Entertainment stories...

TRENDING NEWS IN INDIA, LATEST TRENDS..Entertainment stories,

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Thursday, 16 August 2018

कविताओं में अटलजी की स्मृतियां: जनता पार्टी टूटी तो लिखा- गीत नहीं गाता हूं; भाजपा बनी तो लिखा- गीत नया गाता हूं

अटल बिहारी वाजपेयी को कविता विरासत में मिली थी। उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी भी कवि थे। उनकी कविताओं में राष्ट्र या राजनीति के स्तर पर उपजे हालात का जिक्र होता था या कभी नाराजगी, हौसला और खुशी झलकती थी। जनता पार्टी जब बिखरी, तब उन्होंने ‘गीत नहीं गाता हूं’ कविता लिखी थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थापना पर कविता लिखी- ‘गीत नया गाता हूं’। भास्कर उनकी कुछ चुनिंदा कविताओं के अंश प्रस्तुत कर रहा है।

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

from दैनिक भास्कर https://ift.tt/2PbKGix

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages