
देशभर में 2016 में एक लाख से ज्यादा बच्चे यौन हिंसा के शिकार हुए। यह जानकारी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में दी गई। याचिका में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट का हवाला देकर बताया गया कि 2016 में बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा के 1 लाख से ज्यादा केज दर्ज हुए। कोर्ट इनमें से महज 229 मामलों में फैसला सुना पाया। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से देश में प्रोटेक्सन आॅफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (पोस्को) एक्ट के तहत पेंडिंग केसों की जानकारी मांगी है। बता दें कि पोस्को एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मामलों में कोर्ट को चार्जशीट का संज्ञान लेने के एक साल के अंदर फैसला सुनाना होता है।
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