
चार साल बाद केंद्र सरकार ने संसद में ये मान लिया है कि इराक में लापता हुए 39 भारतीय अब जिंदा नहीं हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज संसद में बयान दे चुकी हैं। इस मामले पर सियासत भी हो रही है। बहरहाल, पूरे मामले में एक शख्स चर्चा में है। उसका नाम है हरजीत मसीह। हरजीत 2013 में इराक के मोसुल शहर पहुंचा और करीब एक साल बाद जून 2014 में वहां से किसी तरह भारत वापस आया। मसीह का दावा है कि उसने चार साल पहले ही बता दिया था कि इराक में लापता 39 में से कोई भी भारतीय जिंदा नहीं है। लेकिन, सरकार ने उसकी बात पर भरोसा नहीं किया।
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