
अयोध्या विवाद पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मस्जिद के पैरोकारों ने कहा कि भगवान राम के लाखों साल पहले अयोध्या में जन्म लेने का दावा किया जाता है। लेकिन वह विवादित जगह पर ही जन्मे थे, उसका क्या प्रमाण है? मुस्लिम पक्षकारों की ओर से सीनियर एडवोकेट राजीव धवन की दलीलें सुनने के बाद चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अब्दुल नजीर और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने कहा कि मौजूदा टाइटल सूट पर फैसले से पहले वह तय करेंगे कि कोर्ट के 1994 के एक फैसले को संविधान पीठ के पास भेजने की जरूरत है या नहीं। इस मामले पर पुनर्विचार को लेकर धवन की दलीलें शुक्रवार को अधूरी रहीं। अगली सुनवाई अब 6 अप्रैल को होगी।
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