
तृणमणि नाम का दुर्लभ उपरत्न भाग्यशाली होने के साथ ही मर्दाना ताकत बढ़ाने के लिए भी पहना जाता है। इसे तृणाकर्ष, कर्पूर, कहरूवा, वृक्षनिर्यासमणि या अंग्रेजी में अम्बेर नाम से भी जाना जाता है। यह कहरूवा वनस्पति जाति का उपरत्न है। कई सालाें पहले वनस्पतियों से निकला हुआ गोंद जैसा पदार्थ है जो धीरे-धीेरे पत्थर जैसा कठोर और चमकदार बन जाता है। पत्थर जैसे दूसरे रत्नों की तरह इसमें भी चमक होती है, लेकिन यह वजन में बहुत हल्का होता है। इसमें कर्पूर जैसी गंध आने से इसे कर्पूर भी कहा जाता है।
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