
नीम-हकीम खतरा-ए-जान। अभी तक तो ये सिर्फ कहावत थी लेकिन सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन ने बिना डिग्री वाले ऐसे डाक्टर्स को लेकर एक खुलासा किया है। उनका कहना है कि सड़क किनारे या गली-कूचों में आयुर्वेदिक दवाखाने चलाने वाले नीम-हकीम जड़ी-बूटियों से तैयार अपने नुस्खों या दवाओं को असरदार बनाने के लिए इनमें धड़ल्ले से एलोपैथिक दवाएं मिला रहे हैं। इस वजह से लोगों की हेल्थ पर खराब असर पड़ने के अलावा एंटीबायोटिक ड्रग्स रेजिस्टेंस और दूसरे रोगों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
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