
यहां से करीब 175 किमी दूर पहाड़ियों पर स्थित अयप्पा मंदिर में मिलने वाले प्रसाद 'अप्पम' और 'अरावण' की गुणवत्ता, रंग, रूप और स्वाद में अगले सीजन से बदवाल होने वाला है। अयप्पा मंदिर का प्रबंधन करने वाले त्रावणकोर देवोसम बोर्ड (टीडीबी) ने इसके लिए केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएफटीआरआई) की मदद ली है। बता दें कि सीएफटीआरआई तिरुमाला स्थित पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर और पलानी के भगवान मुरुगन मंदिर में 'लड्डू' और 'पंचामृत' बनाने में भी मंदिर प्रबंधन का मार्गदर्शन करता है।
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