
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सात दिन में दो बार दावा किया है कि अगर संसद में उन्हें रफाल डील और नीरव मोदी के मुद्दे पर 15 मिनट बोलने दिया जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाग खड़े होंगे। लेकिन इन दोनों मुद्दों को उन्होंने निजी तौर पर संसद में उठाने की कभी कोशिश ही नहीं की। असल में किसी भी सांसद को संसद में कोई भी मुद्दा उठाना होता है तो उसके लिए लोकसभा सचिवालय को नोटिस देना होता है। अमूमन इस पर शून्यकाल यानी 12 से 1 बजे के बीच बोलने का मौका मिलता है। हालांकि, यह स्पीकर पर निर्भर करता है। जब भास्कर ने पता किया तो सामने आया कि रफाल डील विवाद के बाद उन्होंने स्पेशल मेंशन के तहत इस मुद्दे पर बोलने के लिए कभी कोई नोटिस ही नहीं दिया।
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