
केरल में निपाह वायरस की वजह से एक हफ्ते में 10 लोगों की मौत हुई है। 17 लोग इससे संक्रमित हैं। कहा जा रहा है कि केरल में ये वायरस पानी के कुएं, चमगादड़ के खाए फलों और ताड़ी से फैला है। यह वायरस केरल कैसे पहुंचा? अब तक इसका कोई वैक्सीन क्यों नहीं बन पाया? यह दिसंबर और मई में ही क्यों सक्रिय होता है? ऐसे कई सवालों के जवाब जानने के लिए ‘भास्कर’ ने मलेशिया के प्रोफेसर चुआ कॉ बिंग और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्टीफन लुबी से संपर्क किया। प्रोफेसर बिंग ने 1999 में सबसे पहले इस वायरस को मलेशिया में खोजा था। प्रोफेसर लुबी वे साइंटिस्ट हैं जिन्होंने बांग्लादेश में इसकी खोज की थी। वे पिछले 10 साल से इस पर रिसर्च कर रहे हैं।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
from Today's Top Hindi News Headlines From India and World - Dainik Bhaskar https://ift.tt/2LjQogl
No comments:
Post a Comment