
ऋग्वेद सहित पुराणों और स्मृति ग्रंथों में पानी के इस्तेमाल से जुड़ी सावधानियों के बारे में बताया गया है। इन ग्रंथों के अनुसार जल का अपमान करने से दोष लगता है। अगर बेवजह पानी बहाया जाता है। पानी आधा पीकर छोड़ दिया जाता है या किसी को अपना जूठा पानी पिलाया जाता है तो उससे दोष लगता है। पानी के अपमान से कुंडली में चंद्रमा बुरे फल देता है, जिसे चंद्र दोष कहा जाता है। इससे कई तरह की बीमारियां भी होने की आशंका रहती है क्योंकि कुंडली में चंद्रमा का अशुभ प्रभाव होगा तो वो पानी, दिमाग और कफ से जुड़ी बीमारियां होती हैं। पानी का उपयोग सावधानी से करना चाहिए। कई लोग जाने अनजाने में जल का अपमान कर देते हैं। इन गलतियाें के कारण उनको जल का दोष लगता है।
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