अपोलो-11 के 49 साल: अमेरिकी राष्ट्रपति को अंदेशा था कि चांद से लौट नहीं पाएंगे एस्ट्रोनॉट, शोक संदेश भी तैयार करा लिया था - Trending news in india, latest trends ,Entertainment stories...

Trending news in india, latest trends ,Entertainment stories...

TRENDING NEWS IN INDIA, LATEST TRENDS..Entertainment stories,

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Friday, 20 July 2018

अपोलो-11 के 49 साल: अमेरिकी राष्ट्रपति को अंदेशा था कि चांद से लौट नहीं पाएंगे एस्ट्रोनॉट, शोक संदेश भी तैयार करा लिया था

अपोलो-11 अमेरिका समेत पूरी दुनिया का चांद पर जाने वाला पहला कामयाब मैन्ड मिशन है। 20 जुलाई 1969 को एस्ट्रोनॉट नील आर्मस्ट्रॉन्ग, एडविन ऑल्ड्रिन माइकल कॉलिन्स चांद की धरती पर उतरे थे। चांद की धरती पर मानव के कदम रखने को शुक्रवार को 49 साल पूरे हो रहे हैं, लेकिन इस मिशन को लेकर नई बात सामने आई है। दरअसल, अमेरिका को इस मिशन की कामयाबी पर आशंका थी। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति निक्सन का मानना था कि एस्ट्रोनॉट धरती पर लौट नहीं पाएंगे। इसके लिए व्हाइट हाउस के स्पीचराइटर बिल सफायर ने 18 जुलाई 1969 को 'इन इवेंट ऑफ मून डिजास्टर' के नाम से शोक संदेश तैयार किया था। हालांकि यह भाषण कभी पढ़ा ही नहीं गया, क्योंकि तीनों एस्ट्रोनॉट्स इसके लिखे जाने के 6 दिन बाद 24 जुलाई को धरती पर लौट आए। मिशन को 16 जुलाई को लॉन्च किया गया था।

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

from Today's Top Hindi News Headlines From India and World - Dainik Bhaskar https://ift.tt/2O5FXyn

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages