
कश्मीर के पुलवामा में 14 जून को आतंकियों ने जवान औरंगजेब की हत्या कर दी थी। तब शोक में डूबे औरंगजेब के पिता मोहम्मद हनीफ ने खुद अपने बेटे की मौत का बदला लेने की बात कही थी। हालांकि, दो महीने बाद शहीद औरंगजेब के गांव सलानी में उसके करीब 50 दोस्त जुटे हैं, जो खाड़ी देशों से अपनी पैसे वाली नौकरियां छोड़कर लौटे हैं। इस सभी का मकसद सेना और पुलिस जॉइन कर आतंकियों से अपने शहीद दोस्त की हत्या का बदला लेना है।
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