
ऑस्ट्रेलियाई टीम इन दिनों बॉल टैम्परिंग के जाल में फंसी है। कप्तान स्टीव स्मिथ समेत कई खिलाड़ियों का करिअर खतरे में है। कंगारुओं ने साउथ अफ्रीका के साथ टेस्ट मैच में टैम्परिंग का जोखिम इसलिए उठाया था ताकि गेंद रिवर्स स्विंग हो और विकेट गिरे। 1877 में इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत के बाद जीत तभी मिलती थी। जब आप विरोधी टीम के 20 विकेट गिरा पाओ। करीब 100 साल गेंदबाजों ने बाउंसर, स्विंग, सीम और स्पिनर के जरिए यही कोशिश की। फिर 1970 के दशक में रिवर्स स्विंग की एंट्री हुई। पाकिस्तान से वर्ल्ड क्रिकेट में पहुंचा यह आर्ट अब जीत का सबसे कारगर फॉर्मूला बन चुका है।
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