
नई दिल्ली. उत्तराखंड के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर पदोन्नति करने की कॉलेजियम की सिफारिश सरकार ने वापस कर दी। केंद्र ने गुरुवार को कॉलेजियम को इस पर दोबारा विचार को कहा है। सरकार ने तर्क दिया कि अगर जस्टिस जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया जाता है तो ये दूसरे वरिष्ठ और योग्य जजों के लिए न्यायसंगत और निष्पक्ष नहीं होगा। कांग्रेस ने कहा कि जस्टिस जोसेफ ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने का फैसला दिया था और अब सरकार कॉलेजियम की सिफारिश लौटाकर बदले की राजनीति कर रही है। उधर, सीनियर वकील इंदु मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त कर दिया गया। इसके बाद वरिष्ठ वकील इंदिरा जय सिंह ने उच्चतम न्यायालय से इस नियुक्ति को रोके जाने की अपील की। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा ने अपील खारिज करते हुए कहा- ये अकल्पनीय है और ऐसा कभी नहीं सुना। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के 100 से ज्यादा वकीलों ने याचिका दायर की थी कि सरकार न्यायपालिका की स्वतंत्रता और प्रशासन में दखल दे रही है।
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